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Heengwala (Hindi)
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"अम्माँ... हींग लोगी?" "हेरा हींग है अम्माँ, हमको तुम्हारे हाथ की बोहनी लगती है।" "तुम और कुछ मत देखो अम्माँ, यह हींग एक नम्बर है, हम तुम्हें धोखा नहीं देगा।" "अम्माँ! हम अपने देश कुँ जाता है। खुदा जाने, कब लौटेगा?" "वक्त अच्छा नहीं है। तुम हमारे घर चले आए। तुम्हें डर नहीं लगा?" ये संवाद सिर्फ इस कहानी के मर्म को बयाँ नहीं करते, बल्कि इस कहानी के पात्र खान और सावित्री के रिश्ते की मिठास को भी दर्शाते हैं। इस कहानी को पढ़ते हुए हम अपने गली-मोहल्लों में फेरी लगाने वालों से अपने रिश्तों व संवादों को भी टटोल सकते हैं। आज के संजीदा माहौल के लिए एक मौजूँ कहानी।
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Author: Subhadra Kumari Chauhan
Illustrator: Abira Bandopadhyay
Publisher: Eklavya
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